Lakshman Jhula Story : मैं वही लक्ष्मण झूला हूं, जहां कभी भीड़ उमड़ती थी, आज सन्नाटा मेरा हाल पूछता है, हर दौर देखा है मैंने

Apr 11, 2026 - 09:46
 0  0
Lakshman Jhula Story : मैं वही लक्ष्मण झूला हूं, जहां कभी भीड़ उमड़ती थी, आज सन्नाटा मेरा हाल पूछता है, हर दौर देखा है मैंने
Lakshman Jhula Memories : लक्ष्मण झूला से आप और हम सबकी यादें जुड़ी हुई हैं. गंगा नदी के ऊपर बना ये पुल केवल आवागमन का जरिया नहीं था, बल्कि ये एक एहसास था. तेज हवा में जब ये झूला हवा में झूलता को बच्‍चे डर से जाते और बड़े उन्‍हें मुस्‍कुराकर पकड़ लेते. हम सभी ने ये दौर देखा. पर आज ये वीरान पड़ा है. ये उसी इंतजार में है कि एक दिन फिर से यहां कदमों की आहट लौटेगी, हंसी गूंजेगी और यह सन्नाटा टूटेगा. क्योंकि कुछ जगहें कभी खत्म नहीं होतीं, वो बस थोड़ी देर के लिए खामोश हो जाती हैं.

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0